इनोसैंट हाट्र्स ग्रीन मॉडल टाऊन जालन्धर में कासा द्वारा ‘न्यु इरा ऑफ सी.बी.एस.ई. एजुकेशन सिस्टम’ पर वर्कशाप का आयोजन किया गया, जिसमें पंजाब से विभिन्न स्कूलों से प्राईमरी शिक्षकों ने बड़े उत्साह से भाग लिया। उन्होंने रिसोर्स पर्सन डा. जे.के. गुलाटी (एम.ए., एम फिल, एल.एल.बी., पी.एच.डी., यूनिवर्सिटी बिजनैंस स्कूल के विभागाध्यक्ष, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, लाडोवाली रोड जालन्धर) से अथाह ज्ञान भंडार हासिल किया। डा. गुलाटी 1986 से गुरु नानक देव विश्वविद्यालय से जुडे हुए हैं और विश्वविद्यालय की विभिन्न अकादमिक बॉडी के सदस्य हैं। गैस्ट ऑफ ऑनर श्री सुरेन्द्र सैनी (सामाजिक कार्यकत्र्ता) रहे। रिसोर्स पर्सन का मुख्य वक्तव्य शिक्षा प्रणाली के महत्व की ओर ध्यान केन्द्रित करना था। उसमें उन्होंने सी.बी.एस.ई. द्वारा की गई पहल ‘बच्चों के स्कूली बस्तों के भार को कम करने’ के लिए कहा ताकि उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव न पड़े और उनका शारीरिक व मानसिक विकास हो सके। उनमें गहन चिंतनशील सोच, हर समस्या का समाधान करने की क्षमता उत्पन्न हो सके। इस अवसर पर श्री अनिल चोपड़ा (चेयरमैन कासा), श्री जोधराज गुप्ता (सीनियर वाइस प्रैजीडैंट कासा), डा. नरोत्तम सिंह (चेयरमैन स्टेट पब्लिक स्कूल), श्री सुरेन्द्र सैनी (सामाजिक कार्यकत्र्ता) व डा. अनूप बौरी (सैक्रेटरी ऑफ इनोसैंट हाट्र्स तथा कासा) उपस्थित थे। मंच का संचालन श्रीमती अंबिका पसरीजा ने किया। वोट ऑफ थैंक्स श्रीमती शर्मिला नाकरा (वाइस प्रिंसीसल, इनोसैंट हाट्र्स) द्वारा किया गया।
वर्तमान समय के दौरान शिक्षा में आ रही चुनौतियों तथा शिक्षा के बदलते स्वरूप से अपने-आपको अपडेट रखने के लिए इनोसैंट हाट्र्स कालेज, लोहारां कैम्पस में अध्यापकों के लिए डिवैल्पमैंट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्कशाप का उद्देश्य प्रभावशाली अध्यापन को उत्साहित करना तथा अध्यापन के क्षेत्र में आने वाली नई तकनीकों से अध्यापकों को अवगत करवाना था। छोटे उद्योगपतियों के पंजाब चैंबर के सीनियर वाइस प्रैकाीडैंट अश्वनी कोहली ने स्टाफ सदस्यों के साथ विभिन्न सैशनों के दौरान अध्यापन को बड़े प्रभावशाली तथा परिणामोन्मुखी बनाने के बारे अवगत कराया। इन सैशनों में कई विषयों पर चर्चा की गई जैसे खोज तथा अध्यापन को प्रभावशाली बनाने के लिए क्या-क्या कारूरी, आधुनिक अध्यापन के मापदंड, अध्यापन की नीतियां, खोज परिभाषा, खोज समस्याओं की किस्में तथा ढांचा, इंजीनियरिंग की समस्याएं संबंधी खोज डिकााइन। इन सैशनों में 55 स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। यह वर्कशाप बहुत खुशनुमा तथा अच्छे माहौल में हुई तथा स्टाफ सदस्यों ने इस वर्कशाप के सभी सैशनों का लाभ उठाया। इनोसैंट हाट्र्स ग्रुप ऑफ इंस्टीच्यूशंका के ग्रुप डायरैक्टर डा. श...