इनोसैंट हाट्र्स ग्रीन मॉडल टाऊन में कक्षा दशम तथा कक्षा ग्याहरवीं के अभिभावकों के लिए सैमीनार आयोजित किया गया जिसमें श्रीमती हिमानी सिंह ने परवरिश का महत्व समझाते हुए इस दौरान होने वाली समस्याओं से कैसे निपटा जा सकता है, इस पर प्रकाश डाला। आज के समय में माता-पिता अपने बच्चे के साथ सामंजस्य बिठाने में कई बार असहाय महसूस करते हैं, ऐसी परिस्थिति में वे अपने बच्चों के साथ कैसे तालमेल बिठाएं - इसके विषय में उन्हें बताया गया। इस समय की सबसे बड़ी कठिनाई यह है कि माता-पिता अपने बच्चों द्वारा कही बात पर जल्दी से विश्वास कर लेते हैं जबकि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। समय-समय पर अभिभावकों को स्कूल से सम्पर्क बनाए रखना चाहिए। उन्हें यह भी बताया गया कि बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए बच्चे की 75 प्रतिशत स्कूल में उपस्थिति अनिवार्य है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संप्रेषण कला, उनकी गहन सोच, सृजनात्मकता और उनके भीतर सहकार्य करने की क्षमता का होना अत्यावश्यक है। माता-पिता को अपने बच्चे की हर गतिविधि पर नकार रखनी चाहिए। तथा ही माता-पिता का आपसी सम्बंधों में इतना सामंजस्य होना चाहिए कि बच्चा उनमें से किसी का भी अनुसित लाभ न उठा पाए। बच्चे को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए अभिभावक, अध्यापक व स्वयं बच्चे को प्रयासरत रहना होगा। डायरैक्टर प्रिंसिपल धीरज बनाती ने अभिभावकों को स्कूल के अध्यापकों के सम्पर्क में रहने के लिए कहा ताकि वे बच्चे की वास्तविकता जान सकें। श्रीमती अंबिका पसरीजा ने आए हुए सभी मेहमानों का स्वागत किया।
वर्तमान समय के दौरान शिक्षा में आ रही चुनौतियों तथा शिक्षा के बदलते स्वरूप से अपने-आपको अपडेट रखने के लिए इनोसैंट हाट्र्स कालेज, लोहारां कैम्पस में अध्यापकों के लिए डिवैल्पमैंट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्कशाप का उद्देश्य प्रभावशाली अध्यापन को उत्साहित करना तथा अध्यापन के क्षेत्र में आने वाली नई तकनीकों से अध्यापकों को अवगत करवाना था। छोटे उद्योगपतियों के पंजाब चैंबर के सीनियर वाइस प्रैकाीडैंट अश्वनी कोहली ने स्टाफ सदस्यों के साथ विभिन्न सैशनों के दौरान अध्यापन को बड़े प्रभावशाली तथा परिणामोन्मुखी बनाने के बारे अवगत कराया। इन सैशनों में कई विषयों पर चर्चा की गई जैसे खोज तथा अध्यापन को प्रभावशाली बनाने के लिए क्या-क्या कारूरी, आधुनिक अध्यापन के मापदंड, अध्यापन की नीतियां, खोज परिभाषा, खोज समस्याओं की किस्में तथा ढांचा, इंजीनियरिंग की समस्याएं संबंधी खोज डिकााइन। इन सैशनों में 55 स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। यह वर्कशाप बहुत खुशनुमा तथा अच्छे माहौल में हुई तथा स्टाफ सदस्यों ने इस वर्कशाप के सभी सैशनों का लाभ उठाया। इनोसैंट हाट्र्स ग्रुप ऑफ इंस्टीच्यूशंका के ग्रुप डायरैक्टर डा. श...
