इनोसैंट हाट्र्स कालेज ऑफ एजुकेशन के विद्यार्थी-अध्यापकों ने जीएनडीयू की परीक्षा बी.एड. सैमेस्टर-1 (दिसम्बर-2018) मेंं जालन्धर जि़ले में दूसरा सर्वोच्च स्थान हासिल किया। 83 फीसदी विद्यार्थी-अध्यापकों ने प्रथम श्रेणी और 21 फीसदी विद्यार्थी-अध्यापकोंं ने डिस्टिंक्शन हासिल किए। कालेज मेंं निशिता चोपड़ा ने पहला, समनप्रीत कौर ने दूसरा और अचलप्रीत कौर ने तीसरा स्थान हासिल किया। प्राप्तकर्ताओं ने प्राचार्य और संकाय सदस्यों को गुणात्मक डिजिटल शिक्षा प्रदान करने और शैक्षणिक प्रक्रिया में सूत्रधार के रूप में कार्य करने के लिए धन्यवाद दिया। निशिता चोपड़ा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि अधिकतर लोग सोचते हैं कि उत्कृष्ट परिणाम केवल छात्र की कड़ी मेहनत के कारण आते हैं, लेकिन वास्तव मेंं इन परिणामों का एक बड़ा हिस्सा शिक्षकों, दोस्तों और परिवार की सहायता से होता है। प्रबंधन के सदस्यों, प्रिंसीपल और स्टाफ के सदस्योंं ने छात्र-शिक्षकों को उनके शानदार परिणाम के लिए बधाई दी। प्रिंसीपल डॉ. अरजिन्दर ङ्क्षसह ने इस सफलता के लिए संकाय सदस्यों, छात्रों और प्रबंधन द्वारा दिए गए सहयोग को श्रेय दिया।
वर्तमान समय के दौरान शिक्षा में आ रही चुनौतियों तथा शिक्षा के बदलते स्वरूप से अपने-आपको अपडेट रखने के लिए इनोसैंट हाट्र्स कालेज, लोहारां कैम्पस में अध्यापकों के लिए डिवैल्पमैंट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्कशाप का उद्देश्य प्रभावशाली अध्यापन को उत्साहित करना तथा अध्यापन के क्षेत्र में आने वाली नई तकनीकों से अध्यापकों को अवगत करवाना था। छोटे उद्योगपतियों के पंजाब चैंबर के सीनियर वाइस प्रैकाीडैंट अश्वनी कोहली ने स्टाफ सदस्यों के साथ विभिन्न सैशनों के दौरान अध्यापन को बड़े प्रभावशाली तथा परिणामोन्मुखी बनाने के बारे अवगत कराया। इन सैशनों में कई विषयों पर चर्चा की गई जैसे खोज तथा अध्यापन को प्रभावशाली बनाने के लिए क्या-क्या कारूरी, आधुनिक अध्यापन के मापदंड, अध्यापन की नीतियां, खोज परिभाषा, खोज समस्याओं की किस्में तथा ढांचा, इंजीनियरिंग की समस्याएं संबंधी खोज डिकााइन। इन सैशनों में 55 स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। यह वर्कशाप बहुत खुशनुमा तथा अच्छे माहौल में हुई तथा स्टाफ सदस्यों ने इस वर्कशाप के सभी सैशनों का लाभ उठाया। इनोसैंट हाट्र्स ग्रुप ऑफ इंस्टीच्यूशंका के ग्रुप डायरैक्टर डा. श...
